हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच बीती रात से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते प्रदेश में भारी नुक्सान हुआ है। जगह-जगह भूस्खलन से बुधवार शाम तक 107 सड़कें ठप्प रहीं, वहीं 227 बिजली ट्रांसफार्मरों में बिजली व्यवस्था ठप्प रही। इसके अतिरिक्त 44 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं।

प्रदेश में बारिश के दौरान 4 मौतें भी हुईं है। इसमें एक मौत कांगड़ा, एक मंडी, एक मौत सिरमौर व एक मौत ऊना में हुई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 28 अगस्त तक यैलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते विभाग ने नदी-नालों में जल स्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ आने का खतरा जताया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कांगड़ा, चम्बा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन, किन्नौर व सिरमौर के कई भागों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया है।

अब तक 258 लोगों की मौत, 1367.33 करोड़ का नुक्सान

हिमाचल प्रदेश में वर्तमान मानसून में प्रदेश में भारी वर्षा, भूस्खलन और बादल फटने की अनेक घटनाएं घटित हुईं, जिसमें 258 लोगों की अमूल्य जानें चली गईं व 10 लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा से 270 पशु मारे गए तथा 1658 रिहायशी मकान, दुकानें गऊशालाएं व घराट इत्यादि क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस दौरान प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों,पेयजल योजनाओं व विद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुक्सान हुआ है। अब तक प्रदेश को इस मानसून के दौरान 1367.33 करोड़ रुपए के नुक्सान का आकलन किया जा चुका है, जिसका आकलन निरंतर जारी है। यह जानकारी विशेष सचिव राजस्व सुरेश मोक्टा ने दी है।

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