ये तस्वीर उस सेवक सिंह #sewak singh की है जो यारों के यार थे, अपने दोस्तों पर जान लूटाने वाले सेवक सिंह खुद जान की बाज़ी हार गये, सेवक सिंह कायर नहीं थे हिम्मत वाले थे, उन्होंने कभी किसी को पीठ नहीं दिखाई, सबका दिल जीतने वाले सेवक सिंह अपनी जीवन साथी से हार गया।
सेवक सिंह पेशे से ड्राइवर थे पीडब्लयूडी पांवटा डिविजन के एक्सइएन की गाड़ी चलाते थे। पांवटा साहिब के भुंगरणी के रहने वाले थे।
हमेशा चेहरे पर हल्की सी मुस्कान रखने वाला सेवक सिंह अन्दर ही अन्दर टूट चुका था, परिवार बनाते बनाते वो खुद बिखर चुका था।
सेवक सिंह चाहता तो वो लड़ सकता गाली के बदले गाली दे सकता था लेकिन उनके ऐसे संस्कार नहीं थे
कहने वाले यहाँ तक कहते है की सेवक सिंह हिंसक होना ही नहीं जानते थे, दिल का वो सरदार ऐसा नहीं था।
आरोप है कि सेवक सिंह के ससुराल वालों ने उनका जीना हराम कर रखा था, सेवक सिंह का हमेशा चुप रहना ही मौत का कारण बन गया
अफसोस अपने दोस्तों का जिगर का टूकड़ा, पति पत्नी के झगड़े के बाद फंदे में झूल गया।
सेवक सिंह का चुप रहना मौत का कारण बन गया ,


