गुजरात के मतदाता इस चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएंगे : गहलोत

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘एक जमाने में सड़कें अच्छी थीं, अब नहीं हैं। छात्रों को न तो नौकरी मिल रही है और न ही उन्हें रोजगार के अवसर दिये जा रहे हैं। भले ही उन्हें नौकरी मिल जाए, उनका वेतन कम है। कर्मचारी नाखुश हैं। गुजरात में लोगों में बहुत डर है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘एक जमाने में सड़कें अच्छी थीं, अब नहीं हैं। छात्रों को न तो नौकरी मिल रही है और न ही उन्हें रोजगार के अवसर दिये जा रहे हैं। भले ही उन्हें नौकरी मिल जाए, उनका वेतन कम है। कर्मचारी नाखुश हैं। गुजरात में लोगों में बहुत डर है।” उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले चुनावों में लोग उन्हें (भाजपा को) सबक सिखाएंगे। राज्य में सत्ता-विरोधी लहर चल रही है, जिसका असर इस चुनाव के नतीजों में देखने को मिलेगा।’’

गुजरात विधानसभा चुनाव में 24 वर्षों से राज्य में सत्ता पर काबिज भाजपा, विपक्षी कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। गुजरात चुनावों के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के वरिष्ठ पर्यवेक्षक गहलोत ने कहा कि राज्य के लोग ‘बेरोजगारी और बढ़ती मुद्रास्फीति से तंग आ चुके हैं। ’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई गुजरात मॉडल नहीं है। वह मोदी का मॉडल था, जो अब पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। लोग समझ गए हैं कि रोजगार की समस्या भयानक है और राज्य में महंगाई है।’’

गहलोत ने हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस की सत्ता में वापसी पर विश्वास जताया। पहाड़ी राज्य में शनिवार को मतदान हुआ था। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) हिमाचल प्रदेश में एक प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरी है और सत्ता में आने पर इसे वापस लाने के कांग्रेस के आश्वासन ने मतदाताओं को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह योजना राज्य के कार्यकर्ताओं के बीच प्रमुख मुद्दों में से एक बन गई है। कांग्रेस हिमाचल प्रदेश चुनाव जीतेगी और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण ओपीएस होगा।’’

राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बारे में गहलोत ने कहा कि इस पहल का मुख्य केंद्रबिंदु महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उजागर करना और यह सुनिश्चित करना है कि देश में कोई हिंसा न हो और लोग एक-दूसरे के साथ प्यार, शांति और सद्भाव से रहें। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी का ध्यान इस बात को सुनिश्चित करने पर है कि देश संविधान के अनुसार चले। हालांकि, उन्होंने (भाजपा) संविधान का उल्लंघन किया है। पत्रकारों, लेखकों या साहित्यकारों को जेल में डाल दिया गया है।’’ गहलोत ने अपने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के अपने दावे से संबंधित सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया।

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