एग्जिट पोल में कांटे की टक्कर दिखाए जाने से भाजपा और कांग्रेस दोनों दल निर्दलियों को लुभाने में जुट गए हैं। टिकट कटने से भाजपा से 21 और कांग्रेस से 6 निर्दलीय बागी होकर मैदान में उतरे हैं। अब एग्जिट पोल में राज्य में साफ नतीजे नहीं आने से प्रदेश के नेताओं की धुकधुकी बढ़ गई है।
एग्जिट पोल में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। हालांकि, कुछ चैनल भाजपा को बढ़त भी दिखा रहे हैं। अभी तक जो सर्वे जारी किए गए हैं, उनके अनुसार हिमाचल में मुकाबला सबसे रोचक होने वाला है। एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक गलियारों में फिर से किसकी सरकार बनेगी इसके समीकरण भिड़ाए जाने लगे। एग्जिट पोल में बहुत ज्यादा स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर प्रदेश की जनता के बीच भी देर रात तक चर्चा व बहस होती रही। पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक हिमाचल में भाजपा की सरकार बनेगी पर सीटें 44 के मुकाबले 38 रह सकती है।
भाजपा-कांग्रेस निर्दलीय को लुभाने में जुटे
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल में कांटे की टक्कर दिखाए जाने से भाजपा और कांग्रेस दोनों दल निर्दलीय को लुभाने में जुट गए हैं। टिकट कटने से भाजपा से 21 और कांग्रेस से 6 निर्दलीय बागी होकर मैदान में उतरे हैं। अब एग्जिट पोल में राज्य में साफ नतीजे नहीं आने से प्रदेश के नेताओं की धुकधुकी बढ़ गई है। इससे कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। सत्ता बदलने का रिवाज टूटेगा या प्रदेश में भाजपा का राज बदलेगा। आम लोगों के लिए यह भी पहेली बन गई है। एग्जिट पोल औसत रूप से प्रदेश में राजनेताओं को उलझन में डाल रहे हैं कि जनमत किस पक्ष में जा रहा है। प्रदेश में भाजपा से तो एक सिटिंग विधायक, पूर्व विधायक और कई अन्य दिग्गज नेता भी टिकट नहीं मिलने की सूरत में बागी होकर चुनाव लड़े। इनमें जो निर्दलीय जीतने की स्थिति में हैं, उनसे भाजपा के बड़े नेता अभी से संपर्क साधे हुए हैं। कांग्रेस के बड़े नेता भी बागियों से संपर्क में हैं।
भाजपा के लिए बड़े रणनीतिकार साबित हो सकते हैं हर्ष महाजन
प्रदेश में भाजपा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के राजनीतिक सलाहकार रहे हर्ष महाजन बड़े रणनीतिकार साबित हो सकते हैं। वह विधायकों को भाजपा के पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर सकते हैं। हर्ष महाजन को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल किया गया है। वह वीरभद्र सिंह के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार को सत्ता में लाने में भी वर्ष 2012 में बड़ी भूमिका में रहे थे।
जानें किसके सर्वे में कौन जीत रहा
न्यूज 24 टुडेज चाणक्या
भाजपा: 33
कांग्रेस: 33
अन्य: 2
पोल ऑफ पोल्स
भाजपा: 35
कांग्रेस: 30
आप: 0
अन्य: 03
एबीपी सी-वोटर
भाजपा: 33-41
कांग्रेस: 24-32
आप: 0-0
अन्य: 0-4
टीवी 9 ऑन द स्पॉट सर्वे
भाजपा: 33
कांग्रेस: 31
आप : 0
अन्य : 4
आजतक का सर्वे
भाजपा : 24-34
कांग्रेस: 30-40
आम आदमी पार्टी: 0
अन्य : 0
इंडिया टीवी का सर्वे
भाजपा: 35-40
कांग्रेस: 26-31
आप : 0-0
अन्य: 0-3
न्यूज 18 का सर्वे
भाजपा: 36
कांग्रेस: 30
आप : 0
अन्य: 2
जी न्यूज बार्क का सर्वे
भाजपा: 35-40
कांग्रेस : 20-25
आप: 0-3
अन्य:1-5
इंडिया न्यूज जन की बात भाजपा और कांग्रेस के बीच करीबी मुकाबला
इंडिया न्यूज जन की बात के सर्वे के अनुसार 32-40 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 27-34, आम आदमी पार्टी को 0 और अन्य को 1-2 सीटें मिलने का अनुमान बताया जा रहा है।
आर भारत के एग्जिट पोल
भाजपा: 34-39
कांग्रेस: 28-33
आप: 0-1
टाइम्स नाउ
टाइम्स नाउ के अनुसार, भाजपा को 38, कांग्रेस को 28, आम आदमी पार्टी को 0 और अन्य को 2 सीटों को अनुमान है।
रिपब्लिक पी-मारक्यू
रिपब्लिक पी-मारक्यू के अनुसार हिमाचल में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। सर्वे के अनुसार भाजपा को 34-39 व कांग्रेस को 28-33, आप 0-1 व अन्य को 1-4 सीटें मिलने का अनुमान है।
पूर्ण बहुमत प्राप्त करेगी कांग्रेस: प्रतिभा
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि एग्जिट पोल में दर्शाए गए आंकड़ों से अधिक सीटें कांग्रेस को प्राप्त होंगी। 8 दिसंबर को घोषित होने वाले नतीजों में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। भाजपा ने प्रदेश के हर वर्ग महिलाओं, युवाओं, किसानों-बागवानों, बुजुर्गों और कर्मचारियों की अनदेखी की है। जनता में कांग्रेस को लेकर भारी उत्साह है। कांग्रेस सत्ता में आते ही अपना हर वादा पूरा करेगी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला ने ट्वीट कर विधानसभा चुनाव में 40 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया।
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हिमाचल में बनेगी भाजपा सरकार: सीएम जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नतीजों के लिए 8 दिसंबर तक इंतजार करना चाहिए। भाजपा की सरकार बनने की पूरी संभावना है। अधिकतर सर्वे में भाजपा की सरकार बनाने की बात सामने आ रही है। कांग्रेस बहुत पीछे रह जाएगी। भाजपा की ऐतिहासिक जीत होने वाली है। एग्जिट पोल में जो चीज देखने को आ रही है, वह यह है कि अधिकांश में भाजपा सरकार बनाने जा रही है। कुछ सीटों पर कांटे की टक्कर की बात भी आई है।
एग्जिट पोल से आम आदमी पार्टी और माकपा को मायूसी
प्रदेश एग्जिट पोल से माकपा और आम आदमी पार्टी (आप) में मायूसी छा गई है। इन्हें हिमाचल विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं दी गई है। आप ने हिमाचल विधानसभा चुनाव में 67 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे, लेकिन इन्हें किसी भी विधानसभा क्षेत्र से सीट नहीं दी गई है। माकपा का भी यही हाल है। इन्होंने 11 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ा था। आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुरजीत ठाकुर ने कहा कि अगर आप आदमी पार्टी का वोट प्रतिशत कम रहता है तो इसका फायदा कांग्रेस को होगा। माकपा राज्य सचिव ओंकार शाद ने कहा कि एग्जिट पोल में कोई सच्चाई नहीं होती है। अभी परिणाम आने है। इससे स्थिति साफ हो जाएगी।
इस बार टूटे हैं मतदान के रिकॉर्ड
बता दें इस बार प्रदेश के मतदाताओं ने अब तक हुए विधानसभा चुनाव के सभी मतदान के रिकॉर्ड तोड़ दिए। 12 नंवबर को हुए मतदान में रिकॉर्ड 75.6 फीसदी वोट पड़े। इनमें एक फीसदी सर्विस वोटर भी शामिल हैं। हालांकि अभी सर्विस वोटर और जुड़ने हैं। ऐसे में मतदान का आंकड़ा 76 फीसदी तक पहुंच सकता है। इससे पहले पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा 75.57 फीसदी वोट पड़े थे। इस बार प्रदेश में सबसे अधिक सोलन के दून विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 85.25 प्रतिशत और शिमला शहर में सबसे कम 62.53 प्रतिशत मतदान हुआ। सभी डाक मतपत्रों के प्राप्त होने तक यह एक फीसदी और बढ़ सकता है। कांग्रेस पार्टी प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के दावे कर रही हैं, वहीं भाजपा भी रिवाज बदलने या सरकार रिपीट होने के दावे कर रही हैं। हालांकि 8 दिसंबर को फैसला होगा कि रिवाज बदलेगा या राज।
412 प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य 8 दिसंबर को होगा तय
68 विधानसभा क्षेत्रों के 412 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद में कैद है। अब 8 दिसंबर को इनके राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा। चुनावी दंगल में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), माकपा, बसपा और निर्दलियों समेत 412 प्रत्याशियों में यह रोचक जंग हुई है। इनमें 388 पुरुष और 24 महिला प्रत्याशी हैं। प्रदेश में कुल 55,92,828 मतदाताओं में से 28,54,945 पुरुष, 27,37,845 महिलाएं और 38 थर्ड जेंडर के नाम मतदाता सूचियों में शामिल रहे हैं। पहली बार 80 से अधिक उम्र और दिव्यांग वोटरों को अपने घरों से मत डालने की सुविधा दी गई। इसके बावजूद कई बुजुर्गों और दिव्यांगों ने मतदान केंद्रों में पहुंचकर वोट डाला। मतदान के लिए 142 बूथ महिला और 37 दिव्यांग कर्मियों के हवाले रहे। प्रदेश भर में 136 आदर्श मतदान केंद्र भी बनाए गए थे। 378 अति संवेदनशील और 903 संवेदनशील मतदान केंद्र रहे।
मतगणना को लेकर 1950 हेल्पनंबर जारी होगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि 8 दिसंबर को होने वाली मतगणना के दिन कार्यालय में मतगणना संबंधी सूचना एवं शिकायतें प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 मतगणना आरंभ होने से 72 घंटे पहले क्रियाशील होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव विभाग की ओर से सूचना के सुचारु संप्रेषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मतगणना केंद्र पर सूचना केंद्र स्थापित किया जाएगा।
आठ दिसंबर को मतगणना के दिन ड्राई डे घोषित
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने बताया कि विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत प्रदेश भर में मतगणना दिवस पर आठ दिसंबर को ड्राई डे घोषित किया गया है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस अवधि के दौरान मादक द्रव्य, मद्य पेय की बिक्री तथा होटल, दुकानों तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में मादक द्रव्यों की बिक्री बंद रहेगी।


