मनाली पुल हादसाःसोलांग पुल गिरा नहीं, गिराया गया,PWD विभाग की गजब दलील

मनाली. हिमाचल प्रदेश के मनाली में सोलांग गांव में रविवार को एक निर्माणाधीन पुल गिर गया. पुल का निर्माण बीते सात साल से चल रहा था. पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं. साथ ही पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली कठघरे में हैं. क्योंकि सात साल से पुल क्यों नहीं बन पाया और साथ ही घटिया निर्माण साम्रगी चलते ही पुल गिरा है. हालांकि, अब पीडब्ल्यूडी ने किरकिरी के बाद पुल गिरने को लेकर अजीब  दलील दी है. विभाग का कहना है कि पुल गिरा नहीं, उसे गिराया गया है और विभाग ने पुल को गिराया है.

जानकारी के अनुसार, पुल के निर्माण कार्य में देरी के चलते पीडब्लूडी विभाग ने ठेकेदार के टेंडर रद्द कर दिया था और नए टेंडर करवाए हैं. उधर, नए ठेकेदार ने नदी के दूसरे छोर से पुल का निर्माण शुरू कर दिया है.

साल 2015 में सोलांग गांव को जोड़ने के लिए बन रहे पुल का काम शुरू हुआ था. बीच में जब धीमी गति से काम चलता रहा तो ग्रामीणों ने हो हल्ला कर सरकार और विभाग को चेताया था, लेकिन दोनों ही सोए रहे. 120 मीटर पुल की कुल लागत 2 करोड़ 91 लाख 83 हजार 192 रुपये थी. ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाया तो पीडब्ल्यूडी विभाग ने जांच की और गुणवत्ता पर खामियां पाई. 19 सितम्बर 2022 को विभाग ने 29 लाख 18 हजार 319 रुपये जुर्माना भी लगाया.

टेंडर किया रद्द, नए ठेकेदार को सौंपा काम

विभाग ने ठेकेदार को अपना सामान समेटने के निर्देश देते हुए नए सिरे से 2 करोड़ 77 लाख 70 हजार 550 रुपये के टेंडर करवाकर कार्य नए ठेकेदार को दे दिया. अब नया ठेकेदार 120 मीटर इस पुल का निर्माण करेगा.

क्या कहता है पीडब्ल्यूडी विभाग

पीडब्ल्यूडी विभाग मनाली के अधिशाषी अभियंता अनूप शर्मा ने बताया कि पुराने ठेकेदार के टेंडर रद्द कर उन्हें अपना सामान समेटने के आदेश दिए थे. पुल के लेंटर को हटाकर नए सिरे से पुल निर्माण किया जाना है. उन्होंने कहा कि पुल के पिलर यहीं रहेंगे, लेकिन पुल निर्माण नए सिरे से होगा. अगले साल यह पुल तैयार कर लिया जाएगा. यह पुल गिराया गया है और इसके लिए विभाग ने ठेकेदार को आदेश दिए थे.

Never miss any important news. Subscribe to our newsletter.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *