हिमाचल प्रदेश में सिर्फ एक ही महिला उम्मीदवार जीत सकी चुनाव

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 हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ इस बार सिर्फ एक महिला विधायक होंगी।

हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ इस बार सिर्फ एक महिला विधायक होंगी।

प्रदेश में 12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। चुनावी रण में किस्मत आज़मा रही 24 में से केवल एक ही महिला प्रत्याशी चुनाव जीतने में कामयाब हुईं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह, आम आदमी पार्टी (आप) ने पांच और कांग्रेस ने तीन महिलाओं को टिकट दिया था लेकिन केवल भाजपा की रीना कश्यप ही चुनाव जीत पाईं।

कश्यप ने पच्छाद (एससी) सीट से फतह हासिल की है। उन्होंने 2021 में हुए उपचुनाव में इस सीट से जीत दर्ज की थी।

साल 2017 में, चार महिला उम्मीदवार विधानसभा चुनाव जीतने में सफल रही थीं।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री और कांगड़ा के शाहपुर से चार बार विधायक रहीं सरवीन चौधरी, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और डलहौजी से छह बार की विधायक आशा कुमारी, इंदौरा से भाजपा विधायक रीता धीमान, मंडी से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर चुनाव हार गई हैं। आशा कुमारी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल थी।

राज्य के कुल मतदाताओं में करीब 49 फीसदी महिलाएं हैं। 1998 के चुनावों के बाद से महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में अधिक रहा है और यह प्रवृत्ति पिछले पांच चुनावों से जारी रही है।

इस बार हुए विधानसभा चुनाव में महिलाओं का मत प्रतिशत 76.8 फीसदी रहा जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 72.4 फीसदी था।

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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